अँधेरों में भी उम्मीद की लौ (Andheron Mein Bhi Umeed Ki Lau - Even in Darkness, a Flame of Hope)
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ये ज़िन्दगी, इक अनसुलझी पहेली सी,
कभी हंसाती, कभी रुलाती है बेबसी।
हर मोड़ पर इम्तिहान, हर कदम पर डर,
फिर भी दिल में है एक उम्मीद का घर।
कभी लगता है, सब कुछ खो गया है मेरा,
अँधेरों ने है चारों ओर से घेरा।
आँखों में आंसू, दिल में है दर्द गहरा,
मगर याद आती है वो शक्ति, जो है मेरा।
वो शक्ति, जो सिखाती है गिरकर उठना,
वो शक्ति, जो सिखाती है मुश्किलों से जूझना।
वो शक्ति, जो दिखाती है रौशनी का कण,
जब लगता है, सब कुछ है खत्म, सब है क्षण।
वो माँ की लोरी, वो पिता का सहारा,
वो दोस्तों की बातें, वो प्यार का इशारा।
ये सब मिलकर बनाते हैं एक मजबूत किला,
जिसमें छिपा है मेरा हौसला, मेरा जिला।
ये सच है, ज़िन्दगी आसान नहीं होती,
कभी खुशी, कभी गम की बारिश होती।
पर हर बारिश के बाद, सूरज निकलता है,
नई उम्मीदों का एक जहां खिलता है।
मैंने देखा है, लोगों को टूटते हुए,
फिर अपनी हिम्मत से खुद को जोड़ते हुए।
मैंने देखा है, अँधेरों को चीरकर,
एक नई सुबह को जन्म देते हुए।
वो बूढ़ी माँ, जो अपने बेटे को खोकर भी,
दूसरों के बच्चों में अपना प्यार खोजती है।
वो किसान, जो हर साल फसल के बर्बाद होने पर भी,
अगली फसल की उम्मीद में बीज बोता है।
वो लड़की, जो एसिड अटैक का शिकार होकर भी,
दूसरों को जीने की राह दिखाती है।
वो लड़का, जो गरीबी में पलकर भी,
अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करता है।
ये सब हैं इंसानियत की मिसाल,
ये सब हैं उम्मीद की मशाल।
ये दिखाते हैं कि जीवन में कुछ भी हो,
हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए, कभी नहीं रो।
मैंने भी कई बार हार मानी है,
कई बार खुद को अकेला पाया है।
पर हर बार, मैंने खुद को संभाला है,
और फिर से जीने का हौसला जगाया है।
क्योंकि मुझे पता है, ज़िन्दगी एक सफर है,
और इस सफर में मुश्किलें तो आएँगी ही।
पर हमें उन मुश्किलों से डरना नहीं है,
बल्कि उनसे सीखकर आगे बढ़ना है।
इसलिए, मैं आज यह कहता हूँ,
कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ,
चाहे कितने भी अँधेरे हों,
हमें हमेशा उम्मीद की लौ जलाए रखनी है।
क्योंकि उम्मीद ही है, जो हमें ज़िंदा रखती है,
और उम्मीद ही है, जो हमें आगे बढ़ाती है।
तो चलो, आज हम सब मिलकर यह वादा करें,
कि हम कभी हार नहीं मानेंगे, कभी नहीं डरेंगे।
हम हमेशा उम्मीद की लौ जलाए रखेंगे,
और इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश करेंगे।
हम हमेशा मुस्कुराते रहेंगे, चाहे कुछ भी हो,
क्योंकि मुस्कुराहट ही है, जो हमें मजबूत बनाती है।
और हम हमेशा एक-दूसरे का साथ देंगे,
क्योंकि साथ मिलकर ही हम सब कुछ कर सकते हैं।
तो चलो, आज हम सब मिलकर यह शपथ लें,
कि हम कभी हार नहीं मानेंगे, कभी नहीं डरेंगे, और हमेशा उम्मीद की लौ जलाए रखेंगे।
यह जीवन है, संघर्ष भरा, सच है,
फिर भी, उम्मीद का दामन थामे रहना है।
अँधेरों में भी, रौशनी ढूंढ लेनी है,
यही तो इंसान की सच्ची कहानी है, निशानी है।
कभी हंसाती, कभी रुलाती है बेबसी।
हर मोड़ पर इम्तिहान, हर कदम पर डर,
फिर भी दिल में है एक उम्मीद का घर।
कभी लगता है, सब कुछ खो गया है मेरा,
अँधेरों ने है चारों ओर से घेरा।
आँखों में आंसू, दिल में है दर्द गहरा,
मगर याद आती है वो शक्ति, जो है मेरा।
वो शक्ति, जो सिखाती है गिरकर उठना,
वो शक्ति, जो सिखाती है मुश्किलों से जूझना।
वो शक्ति, जो दिखाती है रौशनी का कण,
जब लगता है, सब कुछ है खत्म, सब है क्षण।
वो माँ की लोरी, वो पिता का सहारा,
वो दोस्तों की बातें, वो प्यार का इशारा।
ये सब मिलकर बनाते हैं एक मजबूत किला,
जिसमें छिपा है मेरा हौसला, मेरा जिला।
ये सच है, ज़िन्दगी आसान नहीं होती,
कभी खुशी, कभी गम की बारिश होती।
पर हर बारिश के बाद, सूरज निकलता है,
नई उम्मीदों का एक जहां खिलता है।
मैंने देखा है, लोगों को टूटते हुए,
फिर अपनी हिम्मत से खुद को जोड़ते हुए।
मैंने देखा है, अँधेरों को चीरकर,
एक नई सुबह को जन्म देते हुए।
वो बूढ़ी माँ, जो अपने बेटे को खोकर भी,
दूसरों के बच्चों में अपना प्यार खोजती है।
वो किसान, जो हर साल फसल के बर्बाद होने पर भी,
अगली फसल की उम्मीद में बीज बोता है।
वो लड़की, जो एसिड अटैक का शिकार होकर भी,
दूसरों को जीने की राह दिखाती है।
वो लड़का, जो गरीबी में पलकर भी,
अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करता है।
ये सब हैं इंसानियत की मिसाल,
ये सब हैं उम्मीद की मशाल।
ये दिखाते हैं कि जीवन में कुछ भी हो,
हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए, कभी नहीं रो।
मैंने भी कई बार हार मानी है,
कई बार खुद को अकेला पाया है।
पर हर बार, मैंने खुद को संभाला है,
और फिर से जीने का हौसला जगाया है।
क्योंकि मुझे पता है, ज़िन्दगी एक सफर है,
और इस सफर में मुश्किलें तो आएँगी ही।
पर हमें उन मुश्किलों से डरना नहीं है,
बल्कि उनसे सीखकर आगे बढ़ना है।
इसलिए, मैं आज यह कहता हूँ,
कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ,
चाहे कितने भी अँधेरे हों,
हमें हमेशा उम्मीद की लौ जलाए रखनी है।
क्योंकि उम्मीद ही है, जो हमें ज़िंदा रखती है,
और उम्मीद ही है, जो हमें आगे बढ़ाती है।
तो चलो, आज हम सब मिलकर यह वादा करें,
कि हम कभी हार नहीं मानेंगे, कभी नहीं डरेंगे।
हम हमेशा उम्मीद की लौ जलाए रखेंगे,
और इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश करेंगे।
हम हमेशा मुस्कुराते रहेंगे, चाहे कुछ भी हो,
क्योंकि मुस्कुराहट ही है, जो हमें मजबूत बनाती है।
और हम हमेशा एक-दूसरे का साथ देंगे,
क्योंकि साथ मिलकर ही हम सब कुछ कर सकते हैं।
तो चलो, आज हम सब मिलकर यह शपथ लें,
कि हम कभी हार नहीं मानेंगे, कभी नहीं डरेंगे, और हमेशा उम्मीद की लौ जलाए रखेंगे।
यह जीवन है, संघर्ष भरा, सच है,
फिर भी, उम्मीद का दामन थामे रहना है।
अँधेरों में भी, रौशनी ढूंढ लेनी है,
यही तो इंसान की सच्ची कहानी है, निशानी है।
About This Story
Genres: Poetry
Description: This sonnet explores the theme of human resilience, focusing on the ability to find hope and strength even amidst profound personal struggles and the ever-present darkness of life's challenges. It speaks to the enduring spirit that refuses to be extinguished.