वह यात्री था!

By Amit Kumar Pawar | 2026-01-07 | 1 min read

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उसकी आयु के पचास सावन बीत चुके थे, पर मुखमंडल पर आज भी एक बालक जैसी सरलता और आँखों में किसी खोए हुए आदर्श की खोज थी। ऊँची विरासत का भारी बोझ उसके कंधों पर था, पर उसकी देह में एक नई छटपटाहट थी—शायद खुद को फिर से गढ़ने की। जब वह सफ़ेद टी-शर्ट और बिखरे बालों के साथ धूल भरी सड़कों पर लंबी पदयात्रा पर निकलता, तो लगता मानो कोई राजकुमार सिंहासन त्याग कर सत्य की खोज में निकल पड़ा हो।
​उसकी दाढ़ी के बढ़ते बाल और चेहरे पर छाई थकान, उसके संघर्ष की स्याही बन गए थे। वह महलों की चकाचौंध से दूर, तपती धूप और बारिश में मीलों पैदल चलना अपनी नियति बना चुका था। उसकी मुस्कान में एक अजीब सा भोलापन था, पर जब वह प्रेम और सद्भाव की बात करता, तो उसकी आवाज़ में एक अनूठी जिद झलकती थी। वह भीड़ के बीच होता, फिर भी कभी-कभी भीड़ से बिल्कुल अलग अपनी ही दुनिया में एकाकी दिखता।
​कुल और वंश की मर्यादा ने उसे घेरा था, पर वह उन बेड़ियों को तोड़कर सीधे जन-मन के पास पहुँचने को आतुर रहता था। घृणा के बाजार में वह मोहब्बत का पैगाम लिए घूमता—अविचल, अडिग और निडर। वह हार और जीत के तराजू से ऊपर उठकर, बस चलते जाना ही अपना धर्म समझता था।
​वह राजपुत्र नहीं, वह एक 'यात्री' था!

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Genres: Adventure, Mystery, Fantasy, Horror

Description: guess the man.